भारत की सबसे लम्बी नदी Bharat Ki Sabse Lambi Nadi

जैसा की हम जानते हैं कि विश्व में बहुत सारी छोटी-बड़ी नदियाँ हैं। लेकिन आज हम बात करेंगे भारत की सबसे लम्बी नदी के बारे में और हम साथ में भारत की सबसे लम्बी नदी  के बारे में विस्तार रूप से जानेगे जैसे कहाँ से होकर कहाँ तक और किन किन जगहों से होकर गुजरती या प्रवाहित होती है। तो चलिए बात करतें है सबसे पहले कि कौन सी नदी है जो भारत की सबसे लम्बी नदी के नाम से विख्यात है। 

वैसे बहुत सारे लोग यह जानते होंगे कि भारत की साबसे लम्बी नदी गंगा होगी ! लेकिन आप गलत हैं भारत की सबसे लम्बी नदी सिन्धु नदी है। अब सिन्धु नदी का अपना एक अलग भूगोल और इतिहास है, इसके बारे में बहुत ही अद्भुत जानकारी आज आप इस पोस्ट में पाएंगे। आप अपने उम्मीद और धैर्य के साथ जरुर पूरा पोस्ट पढ़े।

सिन्धु नदी

अगर बात करें कि भारत की साब लंबी नदी की तो सबसे सिन्धु नदी का नाम आता है। इस नदी का जन्म तिब्बत में स्थिति सिन-का-बाब नामक जलधारा से हुआ है। ये नदी तिब्बत और कश्मीर के बीच से होकर प्रवाहित या बहती हैं ।ये नदी भारत के उत्तर में स्थिति नंगा पर्वत से होकर दक्षिण पश्चिम से होते हुए पाकिस्तान के बीचो-बीच होकर प्रवाहित होती है। अगर इस नदी की लम्बाई के बारें में बात करे तो इसकी लम्बाई लगभग 3000km है। इस नदी की पांच शाखाएं या पांच उपनदियाँ भी है जो सिन्धु नदी से निकल कर अलग-अलग जगहों से होकर गुजरती होती हैं। उन पांच नदियों की नाम इस प्रकार हैं।

  1. इरावती
  2. बिपासा (व्यास, ब्यास, विपासा, अज्रकी)

  3.  वितस्ता (झेलम)

  4. चंद्रभागा

  5. शतद्रु (सतलुज)

इरावती

इरावती नदी म्यामार (बर्मा ) देश में बहने वाली सबसे बड़ी नदियों में से एक है। ये नदी बर्मा को दो भागो में विभाजित करती है। इरावती नदी के कुल लम्बाई 2170 किलोमीटर है। इस नदी को इरावदी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी का नाम संस्कृति के एरावत शब्द से लिया गया है। एरावत जो इन्द्र भगवान के वाहन हैं। वैसे इस नदी का बर्मा में नवका व्यापार हेतु बहुत उपयोग किया जाता है।

बिपासा (व्यास, ब्यास, विपासा, अज्रकी)

भारत के हिमांचल प्रदेश में बहने वाली यह एक प्रमुख्य नदी है। इस नदी की लम्बाई 470 किलोमीटर में है। इस नदी का उल्लेख ऋग्वेद में भी किया गया है। यह पंजाब के 5 प्रमुख्य नदियों में से एक है। इस नदी को व्यास, ब्यास, विपासा, अज्रकी के नाम से भी जाना जाता है। इस नदी का नाम महर्षि ब्यास के नाम पर रखा गया है।

वितस्ता (झेलम)

वितस्ता नदी कश्मीर तथा पंजाब में बहने वाली इस नहीं को झेलम नाम से जाना जाता है जो इसका प्राचीन नाम है। इस नदी की लम्बाई कुल 725 किलोमीटर है। ऋग्वेद के प्रसिद्ध ‘नदीसूक्त’ में इसका उल्लेख किया गया है।

चंद्रभागा

वैसे तो चंद्रभागा नदी के दो भाग हैं। पहला चेनाब जो भारत के जम्मू एवं कश्मीर से निकलकर पंजाब राज्यों से होकर पाकिस्तान जाने वाली एक नदी है। तथा दूसरा भीमा नदी जो महाराष्ट्र के पंढरपुर से होकर आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी में जा कर मिल जाती है।

शतद्रु (सतलुज)

शतद्रु अथवा शतद्रू पंजाब की सतलुज नदी का प्राचीन नाम है। ऋग्वेद के नदीसूक्त मे इसे ‘शुतुद्रि’ कहा गया है। इस नदी की लम्बाई पंजाब में बहने वाली पाँच नदियों में सबसे अधिक है। यह नदी भी पाकिस्तान होकर गुजरती है। इन सिन्धु नदियों के पांचो उपनदियों में सबसे लम्बी नदी का नाम शतद्रू है।

सिन्धु नदी की सहायक नदियाँ 

ब्यास नदी, चिनाब नदी, गार नदी, गिलगित नदी, गोमल नदी, हुनजा नदी, झेलम नदी, काबुल नदी, कुनार नदी, कुर्रम नदी, पानजनाद नदी, रावी नदी, श्योक नदी, सून नदी, सुरू नदी, सतलुज नदी, स्वात नदी, ज़ांस्कर नदी, झॉब नदी

सिन्धु घाटी की सभ्यता 

3300 ई०पू० से 1700 ई०पू० पहले विश्व की सबसे प्राचीन सभ्ताओं में से एक है सिन्धु घाटी की सभ्यता। एक पत्रिका की माने तो यह 8000 वर्ष पुरानी सभ्यता है जो सिन्धु सरस्वती सभ्यता या हड्ड्प्पा सभ्यता से भी प्रसिद्ध है। 2014 में इस सभ्यता को  विश्व का सबसे प्राचीन खोज रुपी शहर मान लिया गया। इतिहासकारों की माने तो यह सभ्यता कई बार उजड़े और बसे तथा उनका मानना ये अत्यंत विकसित सभ्यताओं में से एक है।

नोट

  1. सिन्धु नदी पकिस्तान के राष्ट्रीय नदी है।
  2. एक समय में सिन्धु नदी भारत और ईरान का बॉर्डर हुआ करता था।

ब्रह्मपुत्र

अगर  हम बात करे भारत के दूसरी सबसे लम्बी  नदी के बारें में तो दूसरा नाम ब्रह्मपुत्र नदी का नाम लिया जाता है ।इस नदी की लम्बाई लघभग 2900km है मगर भारत में इसकी लम्बाई लगभग केवल 920km ही है  ।ये नदी तीन देशो (भारत,तिब्बत और बांग्लादेश ) से होकर बहती है। इस नदी का जन्म चेमायुंग दुंग नमाक हिम्वाह से हुआ है जो की तिब्बत में स्थति है। ब्रह्मपुत्र नदी  को बिभिन्न जगहों पर भिन्न-भिन्न नमो से जाना जाता है। तिब्बत में इसको सापों के नाम से, अरुणाचल प्रदेश में इसको डीहं और दिहांग असंम में इसको ब्रह्मपुत्र  के नाम से भी जाना जाता है। बंगाल में इसे जमुना के नाम से भी जाना जाता है। ये नदी बंगला देश की सीमा से होते हुए गंगा की एक  एक उपनदी से मिलकर बंगाल की खाड़ीमें जा गिरती है। ब्रह्मपुत्र नदी अपने द्वारा पांच शाखाओं का निर्माण करती है। वे नदियों के नाम इस प्रकार से हैं।

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