Sunday, October 17, 2021
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भारतीय घरों में पाए जाने वाले 10 फालतू जीव || घरों में रहने वाले 10 न पाले जाने वाले जीव ||10 extravagant creatures found in Indian homes || Bhartiye gharo me paye jane wale faltu jeev

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अगर आप भारतीय है तो आप रोजाना इन 10 जीवो से आप की मुलाकात होती रहती होगी. जो  Bhartiye gharo me paye jane wale faltu jeev या घरों में रहने वाले 10 न पाले जाने वाले जीव भी आप कह सकते हैं. कुछ जीव ऐसे हैं जिनसे आप बहुत परेशान हो जाते होंगे और कभी आप उनसे मस्ती भी कर लेते होंगे. तो आज उनके बारे में हम कुछ जानेगे जो रोचक होगा और आप को इस पोस्ट से घर में पाये जाने वाले जीवो के बारे में अध्यन भी हो जायेगा.

कुछ जीव ऐसे भी हैं जो ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र में ही पाए जाते हैं उनको आप शहरों में नहीं देख पाएंगे. तथा उनका व्यवहार शहर और गाँव के मुकाबले अलग ही होता है. 10 ऐसे ही जीव के बारे में जाना बहुत ही आनंदित होगा जो इंडिया के घरों में पाये जाते हैं. तो चलिए उनके बारे में जानते हैं.

चूहा/मूस

बात करें अगर चूहे की तो भारत के हर प्रदेश हर इलाके में पाए जाते हैं. जैसे खेत खलियान के चूहे या ज्यादातर रेलवे पर पाए जाने वाले चूहे. किन्तु हम बात कर रहे हैं भारत के घरों में पाए जाने वाले चूहों की, ये बड़े ही उत्पाती होते हैं. किसी ने ठीक ही कहा है “चूहे राम बड़े बदनाम, करते उलटे सीधे काम” इनसे बहुत ही प्रोब्लेम्स होता है जैसे घर के अनाज को नुक्सान कर देते हैं. गाँव में लोगो के मकान कच्चे होते है, अगर घर कच्चा नहीं है तो फर्स जरुर मिट्टी का ही होता है. ये चूहे यहाँ बिल कर देते हैं. घर में जगह जगह मिट्टी निकल देते हैं, कपडे कुतर देते हैं, तेल मसाला राशन इत्यादि का नुकसान कर देते हैं. जगह जगह पोट्टी भी कर देते हैं. इनके कारनामे बहुत ही बदमाशी वाले होते हैं. हलाकि गाँव में सफ़ेद चूहा भी कुछ लोग पलते हैं किन्तु बिल्लियों से बचाना पड़ता है. ये चूहों को कभी भी गपक करके खा सकती हैं. उत्तर भारत में इनको मूस कहते हैं.

मकडी/मकरी 

मकडी की बात करें तो ये गाँव क्षेत्रों में बहुत ज्यादा मात्रा में पायी जाती हैं. वैसे ये घर के बहार भी पायी जाती हैं जैसे बगीचे व कहलियन आदि जगहों पर, लेकिन भारत के उत्तर भागो में इनकी संख्या कुछ अधिक ही होती है. इनका मुख्य नवास घर के खोने में व ऊपर छत पर अपना जंजाल बिछाए रखती हैं. जो घर को बहुत ही गन्दा दिखती हैं और घर वालों को लापरवाह होने का सबूत भी छोडती हैं. इनके जाल में कीड़े मकोड़े आधी आकर फसते हैं मरते हैं और भद्दा किस्म का दिखते हैं. गाँव के कुछ शरारती बच्चे इन मकड़ियों की टंगे तोड़ कर घड़ी की सुइयां बनाते हैं. क्या आप को मकड़ियों का घर में होना पसंद है? उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाके में मकडी को मकरी भी कहा जाता है.

छिपकली/बिस्तुया

भारत के घरों में पाए जाने वाली सबसे भयानक जीव, छिपकली ही है. ये स्वेत और काली अथवा भूरी कलर में पाए जाती हैं. इनका मुख्य आहार कीड़े- फतिंगे ही होते हैं. ये उजाले वाले जगहों पर जाकर कीड़ों का शिकार करती हैं. कहा जाता है ये बहुत ही जहरीली होती हैं. ये आप के घर में रखे कपडे विस्तार आदि में घुस का चिप जाती हैं जिससे बहुत बार दिक्कत उठाना पड़ता है. या कुछ बार तो ऊपर ही गिर जाती हैं. इनसे भोजन आदि को सुरखित रखना पड़ता है ताकि ये जूठन न करें. अवधी लोग इन्हें बिस्तुया नाम से बुलाते हैं. मैं तो चिपकी से बहुत डरता हूँ, क्या आप भी छिपकली से डरते हैं?

बिल्ली/ बिलार 

वैसे बहुत सारे देशो में बिल्ली तो पाली जाती है किन्तु यार भारत कि बिल्लियों को तो बदमाशी का मैडल ही मिल गया है. ये बहुत ही उत्पाती होती हैं. अधिकतम बिल्लियों को आप भूरे रंग में पाएंगे, एकाधी आप को काले रंग की मिल जायेगी. हम इन्हें भारत के घरो में रहने वाले जीव तो नहीं कह सकते किन्तु ये घर में आती जाती रहती हैं. दूध – दही सब चपत कर जाती हैं. मगर आप के घर में मछली या मटन बना हुआ है तो इनका पूरा मंडली आप के घर के आस पास घूमता मिल जायेगा , दाव पाते ही ये झपट के नौ दो ग्यारह हो जायेगी. परन्तु ये कुत्तो से बहुत डरती हैं. कुछ बिल्लियाँ तो पंजे भी मरती हैं. इन्हें कहीं – कहीं बिलार भी कहा जाता है. क्या आप को बिल्ली पालना पसंद हैं?

मच्छर/मासा 

मेरे ख्याल से फ़्रांस के लोग ही बचे होंगे इनकी भनभनाती आतंक से, लेकिन भारत के गाँव के लोग तो नहीं बच सकते इनके आतंक से. जैसे गाय भैस के तबेले में डसे होते हैं वैसे हमारे विस्तार के आस पास मसे होते हैं. भारत के बिहार में इसको मसा कहते हैं. ये सोते समय आप के ऊपर हमला करते हैं. और आप के खून को डंक रुपी पाइप डाल कर जूस की तरह एन्जॉय करते हैं. हमेशा आप के विस्तार पास ही रहते हैं. रात भर नहीं सोने देते हैं. भन-भन की आवाज करते हैं और पूरा नींद हराम कर देते हैं.

जूँ /ढीलव

ये वो चिड़िया घर वाला जूँ नहीं है, आप के बालों में पाए जाने वाला जूँ है. जो आप के खून को चूसता है और पुरे सर को अपने बाप का बागीच समझता है. आप के बालो और सर को नुक्सान पहुचता है. सर में खुजली होता रहता है. इनका घर से तालुकात तो नहीं डायरेक्ट आप के बालों से होता है. इनको गावती भाषा में ढीलव भी कहते हैं. क्या आप सर में जूँ हैं?

गुबरैला

ये एक प्रकार का कीड़ा होता है जो ज्यादा करके आप के पशु जहाँ रहते हैं वही होता है. यह कीड़ा काले रंग का होता है और उड़ भी सकता है. ये कभी कभी फूलों आदि पर भी होते हैं. जब बारिश के मौसम में घर में होने वालो उजालो में उड़ते रहते हैं. टकरा टकरा कर गिरते हैं. क्या आप ने कभी देखा है इस कीड़े को?

छछुंदर

ये भी चूहे जैसी ही होती हैं लेकिन बहुत ही बदबूदार होती हैं. इनके मुहँ लम्बे होते हैं. हलाकि ये कुछ नुकशान तो नहीं करती किन्तु जगह जगह गन्दगी फैलती रहती हैं. इनका घर में होना बहुत ही बुरा माना जाता है. ये ज्यादा करके भारत के ग्रामीण इलाको के घरों में पाए जाते हैं. इनका आवाज बहुत ही बेसुरा होता है, जिससे आप परेशान हो जायेंगे.

खटमल 

बहुत ही कम लोग इस कीड़े के बारे में जानते होंगे. गाँव में जो खाट होता है उनमे ये पाए जाते हैं. रात में आप को काटते हैं व खून चूसते हैं. अगर आप खाट आदि को लठ्ठ से पीटेंगे तो ये उसमे से गिरते हैं. अथवा अगर आप अपने खाट को धुप में भी रखते हैं तो ये बाहर निकलने लगते हैं. क्या आप ने कभी खटमल को कभी देखा है?

चींटी

वैसे तो चींटी हर जगह पायी जाती हैं. यह अलग-अलग प्रकार की होती हैं, लाल, काली, छोटी- बड़ी आदि प्रकार की. अगर रसोई में कोई मीठा पदार्थ गिर जाता है आप को पता भी नहीं चलेगा कि ये चीटियाँ कहाँ से आ गयी. ये हमेशा से एक समूह में रहती हैं. अगर आप के कपडे आदि में घुस गयी तो आप का शरीर काट -काट कर लाल ही कर देंगी. क्या आप को कभी चींटियों के समूह ने कटा है?

नोट-

यह पोस्ट बस एक रोचक जानकारी हेतु प्रस्तुत किया गया है. अगर आप को पसंद आता है तो शेयर जरुर करें. अगर कोई समस्या या सुझाव हो तो आप कमेंट कर सकते हैं अथवा आप कांटेक्ट फॉर्म जरुर फिल करके हमें email करें.

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